जापान में वायरस का नया स्ट्रेन मिला, ब्राजील से पहुंचा; यह ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका में मिले स्ट्रेन से अलग

अमेरिका और ब्रिटेन में वैक्सीनेशन शुरू हो चुका है, भारत में भी इसी हफ्ते वैक्सीनेशन शुरू होगा। वहीं, कोरोनावायरस का लगातार स्वरूप (म्यूटेशन) बदल रहा है। अब जापान में वायरस का नया स्वरूप सामने आया है। यह वहां ब्राजील से पहुंचा। यह स्ट्रेन ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका में मिले स्ट्रेन से अलग है। जापान सरकार के मुताबिक, चार लोगों में नया स्ट्रेन मिला है, जिनमें 40 साल का एक पुरुष, 30 साल की महिला और 2 किशोर है। इससे पहले जापान में ब्रिटेन और साउथ अफ्रीकी स्ट्रेन के करीब 30 मामले सामने आ चुके हैं।

इस बीच, कोरोनावायरस के दुनिया में 9 करोड़ 06 लाख 88 हजार 733 मामले आ चुके हैं। अब तक 19 लाख 43 हजार 90 लोगों की मौत हो चुकी है। अच्छी बात यह कि 6 करोड़ 48 लाख 11 हजार 380 लोग ठीक भी हो चुके हैं।

कोरोना प्रभावित टॉप-10 देशों में हालात

देश

संक्रमित मौतें ठीक हुए
अमेरिका 22,917,334 383,275 13,483,490
भारत 10,467,431 151,198 10,092,130
ब्राजील 8,105,790 203,140 7,167,651
रूस 3,401,954 61,837 2,778,889
UK 3,072,349 81,431 1,406,967
फ्रांस 2,783,256 67,750 202,429
तुर्की 2,326,256 22,807 2,198,150
इटली 2,276,491 78,755 1,617,804
स्पेन 2,050,360 51,874 N/A
जर्मनी 1,929,353 41,434 1,525,300

(आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं)



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जापान में लोग कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन कर रहे हैं। टोक्यो में आइसबाथ सेरेमनी में लोगों ने ईश्वर से कोरोना महामारी दूर करने और आत्मा शुद्ध रखने की प्रार्थना की। बर्फीले पानी में खड़े लोग मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते दिखे।


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जापान में वायरस का नया स्ट्रेन मिला, ब्राजील से पहुंचा; यह ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका में मिले स्ट्रेन से अलग जापान में वायरस का नया स्ट्रेन मिला, ब्राजील से पहुंचा; यह ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका में मिले स्ट्रेन से अलग Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 09:36 Rating: 5

बीते 24 घंटे में सिर्फ 150 संक्रमितों की मौत हुई, यह 232 दिनों में सबसे कम

देश में रविवार को कोरोना के 16 हजार 85 नए मरीज मिले। 16 हजार 735 ठीक हो गए और सिर्फ 150 संक्रमितों की मौत हुई। जान गंवाने वालों का यह आंकड़ा 232 दिन, यानी 23 मई के बाद सबसे कम है। तब एक दिन में 142 संक्रमितों की मौत हुई थी।

देश में कोविड-19 के अब तक 1 करोड़ 4 लाख केस आ चुके हैं। इनमें से 1 करोड़ 92 हजार मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 1.51 लाख मरीजों की मौत हो चुकी है। कुल 2 लाख 19 हजार 788 मरीजों का इलाज चल रहा है। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं।

तीन मरीजों में मिला वायरस का साउथ अफ्रीका वाला स्ट्रेन
मुंबई के तीन मरीजों में कोरोना का नया स्ट्रेन मिला है। ये तीनों मरीज अब ठीक हो चुके हैं। चिंता इस बात की है कि कोरोना के मरीजों के शरीर में अब तक बनीं तीन तरह की एंटीबॉडी इस स्ट्रेन पर बेअसर हैं। जानकार इस नए स्ट्रेन को साउथ अफ्रीका के कोरोना स्‍ट्रेन से जोड़कर देख रहे हैं।

मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर के प्रोफेसर डॉक्टर निखिल पटकर की टीम ने 700 कोरोना नमूनों की जीनोम सिक्वेंसिंग की थी। इनमें से तीन के नमूनों में कोरोना का E484K म्यूटेंट मिला है। वायरस के आनुवांशिक पदार्थ में होने वाले बदलाव को म्‍यूटेशन कहते हैं। इससे वायरस अपना रूप बदल लेता है, तब पुराने वायरस के खिलाफ बनी एंटीबॉडी बदले हुए वायरस पर बेअसर हो जाती है।

नए म्यूटेंट से घबराने की जरूरत नहीं
बेंगलुरु के महामारी विशेषज्ञ डॉ गिरिधर बाबू का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं हैं, क्योंकि E484K म्‍यूटेशन वाले वायरस सितंबर से जनता के बीच हैं। अगर ये बहुत तेजी से फैलते तो अब तक स्थिति बहुत खराब हो चुकी होती।

5 राज्यों का हाल
1. दिल्ली

राज्य में रविवार को 399 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 602 लोग ठीक हुए और 12 की मौत हो गई। यहां अब तक 6.30 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 6.16 लाख ठीक हो चुके हैं, जबकि 10 हजार 678 मरीजों की मौत हो चुकी है। 3468 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

2. मध्यप्रदेश
राज्य में रविवार को 620 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 816 लोग ठीक हुए और 10 की मौत हो गई। यहां अब तक 2.48 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 2.37 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 3711 मरीजों की मौत हो चुकी है। 7823 मरीजों का इलाज चल रहा है।

3. गुजरात
राज्य में रविवार को 671 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 806 लोग ठीक हुए और चार की मौत हो गई। यहां अब तक 2.51 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 2.39 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 4344 मरीजों की मौत हो चुकी है। 7729 मरीजों का इलाज चल रहा है।

4. राजस्थान
यहां रविवार को 475 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 476 लोग ठीक हुए और तीन की मौत हो गई। यहां अब तक 3.13 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 3.03 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 2734 मरीजों की मौत हो चुकी है। 6726 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है।

5. महाराष्ट्र
राज्य में रविवार को 3558 लोग संक्रमित मिले। 2302 लोग ठीक हुए और 34 की मौत हो गई। यहां अब तक 19.69 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 18.63 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 50 हजार 61 मरीजों की मौत हो चुकी है। 54 हजार 179 का इलाज चल रहा है।



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बीते 24 घंटे में सिर्फ 150 संक्रमितों की मौत हुई, यह 232 दिनों में सबसे कम बीते 24 घंटे में सिर्फ 150 संक्रमितों की मौत हुई, यह 232 दिनों में सबसे कम Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 09:36 Rating: 5

PM आज मुख्यमंत्रियों से तैयारियों पर चर्चा करेंगे, संक्रमण की स्थिति पर भी बात होगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वैक्सीनेशन की तैयारियों को लेकर आज सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शाम 4 बजे मीटिंग शुरू होगी। इसमें कोरोना की स्थिति पर भी बात होगी। देश में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू होगा। मोदी ने शनिवार को हाईलेवल मीटिंग की थी, जिसके बाद सरकार ने वैक्सीनेशन की तारीख का ऐलान किया।

वैक्सीनेशन में 3 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रायरिटी
वैक्सीन के लिए हेल्थ वर्कर्स और फ्रंट लाइन वर्कर्स को तरजीह दी जाएगी, जिनकी संख्या 3 करोड़ है। इनके बाद 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 50 साल से कम उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इस तरह करीब 27 करोड़ लोगों को टीका लगाया जाएगा।

वैक्सीन के दो डोज होंगे। इन्हें 28 दिन के अंतर से दिया जाएगा। सभी को दो डोज लगाने होंगे, तभी वैक्सीन शेड्यूल पूरा होगा। दूसरा डोज देने के दो हफ्ते बाद शरीर में कोरोना से बचाने वाली एंटीबॉडी बन जाएंगी। एंटीबॉडी यानी शरीर में मौजूद वह प्रोटीन, जो वायरस, बैक्टीरिया, फंगी और पैरासाइट्स के हमले को बेअसर कर देता है।

देश में 2 वैक्सीन को मंजूरी मिली

  • ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया यानी DCGI ने इमरजेंसी यूज के लिए दो वैक्सीन को मंजूरी दी है।
  • पहली वैक्सीन कोवीशील्ड है, जिसे एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने मिलकर बनाया है।
  • भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) कोवीशील्ड का प्रोडक्शन कर रही है।
  • इसका जब हाफ डोज दिया गया तो इफिकेसी 90% रही। एक महीने बाद फुल डोज में इफिकेसी 62% रही।
  • दोनों तरह के डोज में औसत इफिकेसी 70% रही। कोवीशील्ड के 5 करोड़ डोज तैयार हैं।
  • दूसरी वैक्सीन कोवैक्सिन है। अभी इसके फेज-3 ट्रायल्स के नतीजे नहीं आए हैं। कोवैक्सिन को भारत बायोटेक बना रही है।
  • इसके फेज-2 ट्रायल्स के नतीजों के मुताबिक, कोवैक्सिन की वजह से शरीर में बनी एंटीबॉडी 6 से 12 महीने तक कायम रहेंगी। कोवैक्सिन के 2 करोड़ डोज तैयार हैं।


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देश में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू होगा। सरकार का कहना है कि 3 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रायरिटी दी जाएगी।- फाइल फोटो।


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PM आज मुख्यमंत्रियों से तैयारियों पर चर्चा करेंगे, संक्रमण की स्थिति पर भी बात होगी PM आज मुख्यमंत्रियों से तैयारियों पर चर्चा करेंगे, संक्रमण की स्थिति पर भी बात होगी Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 09:36 Rating: 5

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई; मजबूती से पक्ष रखने के लिए किसानों ने 500 जत्थेबंदियों का डेटा बनाया

किसान आंदोलन का आज 47वां दिन है। नए कृषि कानून रद्द करने की अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। किसानों ने रविवार को 500 जत्थेबंदियों का डेटा तैयार किया और वकील प्रशांत भूषण से 3 घंटे चर्चा चली। कोर्ट को बताया जाएगा कि आंदोलन में सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि देशभर के किसान संगठन शामिल हैं।

नुकसान समेत हर बात कोर्ट को बताएंगे
किसान संगठनों नए कानूनों की वजह से होने वाले नुकसान के बारे में कोर्ट को बताएंगे। एक-एक बात बारीकी से बताई जाएगी। यह भी बताएंगे कि किस तरह से उन्हें आंदोलन करने पर मजबूर किया गया। इन तीनों कानूनों के बारे में कैसे मजबूती से पक्ष रखा जाए, इस पर भी कई सीनियर वकीलों से चर्चा हुई।

सुप्रीम कोर्ट में अब तक
16 दिसंबर: कोर्ट ने कहा- किसानों के मुद्दे हल नहीं हुए तो यह राष्ट्रीय मुद्दा बनेगा।
6 जनवरी: अदालत ने सरकार से कहा- स्थिति में कोई सुधार नहीं, किसानों की हालत समझते हैं।
7 जनवरी: तब्लीगी जमात मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चिंता जताई। कहा- किसान आंदोलन के चलते कहीं मरकज जैसे हालात न बन जाएं।

हरियाणा में किसानों ने मंच उखाड़ा, CM का कार्यक्रम रद्द
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर रविवार को करनाल जिले के कैमला गांव में किसान महापंचायत करने वाले थे। सीएम वहां पहुंचते उससे पहले कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी पहुंच गए और काले झंडे लहराते हुए नारेबाजी करने लगे। उन्होंने मंच पर भी तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने CM के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए बने हेलीपैड को भी खोद दिया, इस वजह से खट्‌टर का हेलीकॉप्टर लैंड नहीं कर सका।



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किसान 47 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। रविवार को ली गई फोटो गाजीपुर बॉर्डर की है।


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सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई; मजबूती से पक्ष रखने के लिए किसानों ने 500 जत्थेबंदियों का डेटा बनाया सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई; मजबूती से पक्ष रखने के लिए किसानों ने 500 जत्थेबंदियों का डेटा बनाया Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 08:36 Rating: 5

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई; मजबूती से पक्ष रखने के लिए किसानों ने 500 जत्थेबंदियों का डेटा बनाया

किसान आंदोलन का आज 47वां दिन है। नए कृषि कानून रद्द करने की अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। किसानों ने रविवार को 500 जत्थेबंदियों का डेटा तैयार किया और वकील प्रशांत भूषण से 3 घंटे चर्चा चली। कोर्ट को बताया जाएगा कि आंदोलन में सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि देशभर के किसान संगठन शामिल हैं।

नुकसान समेत हर बात कोर्ट को बताएंगे
किसान संगठनों नए कानूनों की वजह से होने वाले नुकसान के बारे में कोर्ट को बताएंगे। एक-एक बात बारीकी से बताई जाएगी। यह भी बताएंगे कि किस तरह से उन्हें आंदोलन करने पर मजबूर किया गया। इन तीनों कानूनों के बारे में कैसे मजबूती से पक्ष रखा जाए, इस पर भी कई सीनियर वकीलों से चर्चा हुई।

सुप्रीम कोर्ट में अब तक
16 दिसंबर: कोर्ट ने कहा- किसानों के मुद्दे हल नहीं हुए तो यह राष्ट्रीय मुद्दा बनेगा।
6 जनवरी: अदालत ने सरकार से कहा- स्थिति में कोई सुधार नहीं, किसानों की हालत समझते हैं।
7 जनवरी: तब्लीगी जमात मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चिंता जताई। कहा- किसान आंदोलन के चलते कहीं मरकज जैसे हालात न बन जाएं।

हरियाणा में किसानों ने मंच उखाड़ा, CM का कार्यक्रम रद्द
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर रविवार को करनाल जिले के कैमला गांव में किसान महापंचायत करने वाले थे। सीएम वहां पहुंचते उससे पहले कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी पहुंच गए और काले झंडे लहराते हुए नारेबाजी करने लगे। उन्होंने मंच पर भी तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने CM के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए बने हेलीपैड को भी खोद दिया, इस वजह से खट्‌टर का हेलीकॉप्टर लैंड नहीं कर सका।



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किसान 47 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। रविवार को ली गई फोटो गाजीपुर बॉर्डर की है।


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इस साल इंतजार से नहीं, इंतजाम से जीवन बदलें

हम बड़े दिनों से इंतजार कर रहे थे कि 2020 कब खत्म होगा। क्योंकि हमने कहा 2020 साल ही अच्छा नहीं था। हम इंतजार कर रहे थे 2021 आएगा तो जीवन बदल जाएगा, परिस्थितियां बदल जाएंगी, मन की स्थिति बदल जाएगी। हमने सोचा हमारी मन की स्थिति, हमारी खुशी, हमारे मन की शक्ति और शांति, परिस्थितियों पर, लोगों पर निर्भर है।

जैसे एक बच्चा पूछता है आपको क्या लगता है मेरा परीक्षा में क्या होगा? तो हम उससे कहते हैं, जैसी तैयारी होगी, वैसा ही तो होगा। हम यह नहीं कहते कि अगर एक्जाम आसान होगा तो अच्छा होगा और मुश्किल होगा तो कैसे अच्छा होगा। हम परीक्षा पर ध्यान केंद्रित नहीं करते, हम तैयारी पर फोकस करते हैं।

2020 में हमारी परीक्षा मुश्किल हो गई थी, लेकिन हमारी तैयारी कैसी थी? 2021 शुरू हो गया, पर हमें क्या पता है कि इस साल कौन-सी परीक्षा आएगी। चाहे वो विश्व में हो, देश, शहर, मोहल्ले, परिवार या व्यक्तिगत जीवन में हो, मेरे शरीर पर हो, क्या मुझे पता है कि 2021 मेरे लिए कौन-सी बातें लेकर आ रहा है। इस साल की परीक्षा कैसी होगी।

अब फोकस करते हैं अपनी तैयारी पर, परीक्षा पर नहीं। ये नहीं सोचना 2021 कैसा होगा। महत्वपूर्ण यह है कि हमारे मन में कैसा होगा। क्योंकि जैसा मन में होगा वही तो जीवन की गुणवत्ता होती है। जीवन वो नहीं है, जो हमारे साथ होता है। जीवन यह है कि जो होता है उसके प्रति हमारा नजरिया, हमारे शब्द और व्यवहार कैसे हैं। इसलिए आज से हम इंतजार नहीं करेंगे।

इंतजार से जीवन नहीं बदलता, इंतजाम से बदलता है। हम सब सोच रहे होंगे कि नए साल में कौन-सी नई आदतें, नए संस्कार जीवन में अपनाएंगे। हर साल प्लान बनाते हैं और बहुत प्यार से लागू कर अपने जीवन में परिवर्तन लाते हैं। वो प्लान हम किसी भी दिन बना सकते हैं। छोटी-छोटी आदतें, बातें, छोटे-छोटे व्यवहार, सोचने का तरीका, ये मेरी आत्मिक शक्ति को घटा सकते हैं।

जितनी मेरी आत्मिक शक्ति होगी, वो मेरी जीवन की क्वालिटी होगी। आत्मिक शक्ति यानी मेरी तैयारी। जीवन की हर परिस्थिति का सामना करने के लिए मेरी तैयारी कैसी है। हम उन छोटी-छोटी बातों को देखते हैं, जिनसे हम आत्मा की शक्ति बढ़ा सकते हैं। जैसे - जब हमें अपने शरीर का ध्यान रखना है तो हम छोटी-छोटी बातें करते हैं। जल्दी उठते हैं, रात को जल्दी सोते हैं, अपने डाईट में बदलाव लाते हैं।

एक चीज याद रखें कि एक महान परिवर्तन लाने के लिए कुछ बहुत बड़ा नहीं करना पड़ता। लेकिन छोटे-छोटे परिवर्तन रोज करने हैं। परमात्मा कहते हैं हर क्षण आपका नया हो। परमात्मा सिखाते हैं कि नए साल का इंतजार नहीं करना, नए दिन का भी इंतजार नहीं करना, आपका हर क्षण नया होना चाहिए।

तब हमारी मन की स्थिति आगे बढ़ती जाएगी। उसी को अगर गणित की भाषा में समझें तो जो आज हम हैं, अगर एक साल तक ऐसे ही रहते हैं, तो हमारे अंदर कोई बदलाव नहीं आता। यानी हम 1 पर ही रहते हैं और 1x365 =1, यानी कुछ नहीं बदलता। लेकिन अगर हम अपने अंदर एक फीसदी भी परिवर्तन लाते हैं और उस एक फीसदी को रोज लाते हैं, तो एक साल के अंदर हमारे अंदर 367% बदलाव आ जाएगा।

अब हमें लगता है कि अगर कुछ नहीं भी किया तो हम जैसे आज वन हैं 365 दिन के बाद हम वन ही होंगे। लेकिन ऐसा होगा नहीं। क्योंकि अगर हम वन परसेंट ऊपर नहीं उठते हैं, तो संभव है कि हम थोड़ा-सा नीचे चले जाएंगे। क्योंकि वातावरण का प्रभाव, लोगों की स्थिति का प्रभाव, परिस्थिति का प्रभाव पड़ता है। हम अकेले तो नहीं हैं ना।

परिस्थितियां कैसी होंगी नहीं पता, लोग कैसे होंगे नहीं पता, उनका व्यवहार कैसा होगा नहीं पता, तो ये बदलाव का असर कम होने की बहुत आशंका है। हमारी सुरक्षा इसी में है कि हम अपना एक फीसदी ऊपर बढ़ाकर रखें। और हर रोज वो एक फीसदी ऊपर बढ़ाते रहें।

रोज छोटे-छोटे बदलाव, जो हम अपने अंदर लेकर आएंगे, तो सोचो 365 दिन में कितना बदलाव होगा। अपनी मन की स्थिति में रोज छोटा परिवर्तन करें। जब हम ये करेंगे तो हमें ये नहीं सोचना पड़ेगा कि 2021 कैसा होगा, 2022 कैसा होगा। हम इंतजार नहीं करेंगे। परीक्षा कैसी होगी, हम ये नहीं सोचेंगे। हमारा ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपनी तैयारी पर होगा।



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बीके शिवानी, ब्रह्मकुमारी


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इंडस्ट्रियल प्रोडक्टिविटी 10 गुना बढे़गी, रोबोटिक काम से स्मार्ट सिटी जैसे प्रोजेक्ट तेजी से पूरे होंगे

यह साल 5G तकनीक का है। इसके आने से हमारे मोबाइल इंटरनेट की स्पीड ही नहीं बढ़ेगी बल्कि देश की इंडस्ट्रियल प्रोडक्टिविटी में 10 गुना तक इजाफा होगा। 5G टेक्नोलॉजी के लिए यह साल कितना अहम है, अभी इस पर देश में क्या काम हो रहा है, ऐसे सवालों के जवाब जानने के लिए भास्कर के प्रमोद त्रिवेदी ने सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) के महानिदेशक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डॉ एसपी कोचर से बात की। पढ़िए बातचीत के प्रमुख अंश।

Q. 5G सर्विस कैसे लोगों का जीवन बदलेगी?
4G का व्यक्तिगत उपयोग ज्यादा होता है, ऐसा 5G में नहीं होगा। इसमें लोगों को इंटरनेट स्पीड ज्यादा मिलेगी, लेकिन 5G का ज्यादा उपयोग उद्योगों में होगा। 5G का कन्वर्सेशन मशीन टू मशीन होगा। इंडस्ट्री में ये औद्योगिक क्रांति लाएगा। रोबोटिक काम होगा। स्मार्ट सिटी जैसी योजनाएं तेजी से पूरी हो सकेंगी। औद्योगिक उत्पादकता औसतन कई गुना बढ़ जाएगी।

Q. 5G हैंडसेट को लेकर क्या तैयारी है?
अभी 5G हैंडसेट महंगे हैं। हम ये भी देख रहे हैं कि सस्ते 5G अफोर्डेबल स्मार्ट फोन कैसे आएंगे। ये लोगों तक पहुंचाना बहुत जरूरी है। हमारा प्रयास है कि 5G फोन की कीमत 8 से 10 हजार होनी चाहिए। हम इस पर काम कर रहे हैं।

Q. 2021 में देश में 5G सेवा शुरू हो सकेगी?
इस साल 5G का ट्रायल होगा। लेकिन कमर्शियल स्तर पर लॉन्च की संभावना कम ही दिखती है। अभी सरकार ने 5G के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी पर कोई निर्णय नहीं लिया है। नीलामी के बाद कीमत तय होंगी, नेटवर्क और उपकरण लगेंगे। इसके बाद ही 5G नेटवर्क शुरू हो सकेंगे। सब कुछ ठीक रहा तो हो सकता है कि इस साल एक-दो कंपनियां कमर्शियल शुरुआत भी कर दें।

Q. टेलीकॉम में 2021 में क्या बदलने वाला है?
हमेशा की तरह हमारा प्रयास रहेगा कि सब्स्क्राइबर को अच्छी सुविधा, बेहतर दाम पर मिले। जिस तरह से मार्च में स्पेक्ट्रम नीलामी की बेस प्राइस तय हुई है, उसके हिसाब से अभी चार्ज कम होने की संभावनाएं कम हैं। लेकिन सरकार से टैक्स में छूट की बात चल रही है। अगर वो मिलती है तो कीमत में अंतर आएगा। कॉस्ट का अंतर आता है तो डेटा और सस्ता हो सकता है।

Q. टैक्स में छूट मिलती है तो फायदा यूजर्स को होगा या कंपनियों को?
टैक्स कम हाेने का बड़ा फायदा यूजर्स को ही होगा। जरूरी सेवा मानकर टैक्स कम करना चाहिए। इससे लोगों को सही कीमत पर बेहतर इंटरनेट मिलेगा। हमें देखना होगा कि जो लैवीज और टैक्सेस टेलीकॉम पर लगाए गए हैं, उन्हें नेशनलाइज किया जाए और कम किया जाए।

Q. आप किस तरह के टैक्स में छूट चाहते हैं?
टेलीकॉम पर तकरीबन 40% तक टैक्स लगते हैं। टैक्स के लिहाज से देखें तो टेलीकॉम इंडस्ट्री को एक जरूरी सर्विस नहीं माना जाता है, जो सही नहीं है। स्पेक्ट्रम फीस, लाइसेंस फीस, यूएसओ फंड जैसी सब चीजें हम पर लागू होती हैं। हमारा आग्रह रहता है कि इसे कम किया जाए।

Q. सरकार मार्च में स्पेक्ट्रम नीलामी करने जा रही है। टेलीकॉम को क्या फायदा हो सकता है?
हमारे यहां जो नीलामी होती है, वो बेस प्राइस के पुराने बनाए हुए फॉर्मूले पर होती है। फिर कहते हैं कि इससे ऊपर ही बिड कर सकते हैं। यही कारण रहा कि पिछली नीलामी में काफी सारा स्पेक्ट्रम नहीं बिक पाया था। इस बार भी चिंता तो है कि क्या इस बेस प्राइस पर सारा स्पेक्ट्रम बिक पाएगा।

Q. बजट को लेकर क्या उम्मीदें हैं?
हमने सरकार को अपनी बात बता दी है। हम पर कई तरह से जीएसटी लग रही है, उसे हटाइए। नीलामी तक में जीएसटी लगता है जबकि नीलामी में सर्विस शामिल नहीं है। स्पेक्ट्रम खरीदने पर जीएसटी लगता है। लाइसेंस फीस हम सरकार को देते हैं तो उस पर जीएसटी नहीं लगना चाहिए, क्योंकि हम तो सरकार को फीस दे रहे हैं, तो उसमें कैसे सर्विस टैक्स लग सकता है।



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सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) के महानिदेशक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डॉ एसपी कोचर का फाइल फोटो।


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इंडस्ट्रियल प्रोडक्टिविटी 10 गुना बढे़गी, रोबोटिक काम से स्मार्ट सिटी जैसे प्रोजेक्ट तेजी से पूरे होंगे इंडस्ट्रियल प्रोडक्टिविटी 10 गुना बढे़गी, रोबोटिक काम से स्मार्ट सिटी जैसे प्रोजेक्ट तेजी से पूरे होंगे Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 07:36 Rating: 5
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