मजदूरी के लिए राजस्थान गए 2585 लोग 61 बसों में लाैटे, दोनों राज्यों में हुई स्क्रीनिंग, लुधियाना में प्रदर्शन कर श्रमिक बोले-कोरोना से नहीं भूख से डर लगता है

कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन में फंसे लोगों को लाए जाने का क्रम निरंतर जारी है। मंगलवार को लॉकडाउन के 28वें दिन राजस्थान में फंसे 2585मजदूरों को गुमजाल के रास्ते 61 बसों मेंपंजाब लाया जा रहा है। ये लोग फाजिल्का जिले के अबोहर मेंश्रीगंगानगर सेराजस्थान-पंजाब बॉर्डर पर पहुंच चुके हैं। यहां से चेकअप के बाद जो जहां का है, वहां क्वारैंटाइन किए जानेकी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे पहले नांदेड़ गए 467 श्रद्धालु सोमवार रात पंजाब पहुंच चुके हैं।

दूसरी ओर राज्य में इस खतरनाक महामारी के संक्रमण के 331 मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को इनमें से 19वीं मौत हुई है।99 मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि 213 अभी आईसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। सूबे में अभी तक 15516 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 12333 की रिपोर्ट निगेटिव और 2853 की पेंडिंग हैं। तरनतारन में पहली बार केस आने के बाद अब काेरोना 20 जिलों में फैल चुका है।

जालंधर: मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉलिंग के जरिए सिविल सर्जन से जाना हाल, बढ़ाया हौसला
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदर कौर चावला से वीडियो कॉलिंग के जरिए बात की और कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में प्रदेश में नंबर एक जालंधर का हाल जाना। कैप्टन ने सिविल सर्जन डॉ. चावला से उनकी और उनके स्टाफ की सेहत के बारे में भी बात की। उनका हौसला बढ़ाया। सिविल सर्जन ने उन्हें जानकारी दी कि जालंधर में अब तक ढाई हजार से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं और सैंपलिंग की प्रक्रिया तेज की जा रही है ताकि कोरोना वायरस आगे ना फैले। उन्होंने बताया कि जालंधर में कई ऐसे मरीजों को भी ढूंढा गया है, जिनमें कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं थे। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि यह कैसे पता चलता है कि इन्हें कोरोना है जबकि उन्हें कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं? इस पर सिविल सर्जन ने जवाब दिया कि पॉजिटिव आए मरीज के संपर्क में आए इन लोगों के भी सेहत विभाग टेस्ट कर रहा है, जिस वजह से उन्हें लक्षण आने से पहले ही कोरोना वायरस की पुष्टि हो रही है।


होशियारपुर: जालंधर के लोगों की एंट्री बंद, हाईवे और लिंक रोड समेत सभी रास्ते सील
जालंधर में लगातार बढ़ते कोरोना के मामले के बीच होशियारपुर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। होशियारपुर के डीसी ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि जालंधर के लोगों की होशियारपुर में एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। यही नहीं, उन्होंने जालंधर की तरफ से आने वाले सभी लिंक रोड, हाईवे और अन्य मार्ग सील कर दिया है।

फाजिल्का में नेशनल हैल्थ मिशन के कर्मचारी पंजाब सरकार के खिलाफ काले बिल्ले लगाकर नाराजगी का इजहार करते हुए। इसीतरह पटियाला और दूसरे जिलों के अस्पतालों में इस वर्ग के कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया।

पटियाला: एनएचएम के मुलाजिमों ने काले बिल्ले लगाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया
राष्ट्रीय सेहत मिशन (एनएचएम) के मुलाजिमों ने काले बिल्ले लगा कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनियन के राज्य प्रधान अमरजीत सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सेहत मिशन के कर्मचारी कोविड-19 के खिलाफ जंग में अपनी मौत की परवाह किए बिना फ्रंट लाइन और पूरी मेहनत और तनदेही के साथ ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन पंजाब सरकार इन मुलाजिमों की तरफ से दिन-रात की जा रही ड्यूटी को अनदेखा करते हुए कम वेतन दे रही है। राज्य सरकार ने समय-समय पर उनको पक्का करने के लारे ही लगाए हैं। चाहे इन मुलाजिमों को राष्ट्रीय सेहत मिशन में काम करते 15 साल हो चुके हैं, परंतु राज्य सरकार की तरफ से अभी तक इन मुलाजिमों को नौकरी की सुरक्षा किसी भी तरह का बीमा और कोविड-19 दौरान किसी भी तरह की कोई आर्थिक मदद का ऐलान अभी तक नहीं किया गया। पिछले दिन ही सरकार ने करीब 120 मुलाजिम के वेतन 40 प्रतिशत तक बढ़ाए थे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से बाकी 13 हजार मुलाजिमों का वेतन तो क्या बढ़ाना था, उलटा मुलाजिमों के वेतन में वृद्धि पर भी रोक लगा दी।

लुधियाना के वार्ड-30 में पार्षद जसपाल सिंह ग्यासपुरा के दफ्तर श्रमिक राशन के लिए प्रदर्शन करते हुए। एक सप्ताह में दूसरी बार भूखे लोगों ने पार्षद का घेराव किया है।

लुधियाना: मजदूर बोले-भूख में तो कोरोना से भी डर नहीं लग रहा साहब
एक माह से कारखाने बंद हैं। ऐसे में श्रमिकों के पास न पैसे हैं और न ही अन्न। कई इलाकों में सरकारी मदद नहीं मिल रही, जिससे उनका धैर्य टूटने लगा है। लुधियाना के वार्ड-30 में बड़ी संख्या में श्रमिक पार्षद जसपाल सिंह ग्यासपुरा के दफ्तर पहुंचे और उनका घेराव कर दिया। सूचना मिली तो पार्षद भी दफ्तर पहुंच गए। श्रमिकों को झुंड में देख पार्षद ने उन्हें शारीरिक दूरी बनाकर खड़े होने को कहा। इस पर श्रमिकों ने कहा कि साहब भूख में अब तो कोरोना से भी डर नहीं लग रहा। पहले सरकारी राशन दिलाओ फिर कोरोना से बचाव के तरीके बताते रहना। कुछ दिन पहले भी अकाली पार्षद जसपाल सिंह ग्यासपुरा का घेराव किया था। तब पार्षद ने भरोसा दिलाया था कि मेयर बलकार सिंह संधू से बैठक करने जा रहे हैं उसके बाद राशन की व्यवस्था करवाई जाएगी। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी श्रमिकों को राशन नहीं मिला तो वह दोबारा पार्षद का घेराव करने पहुंच गए। पार्षद जसपाल सिंह ग्यासपुरा का कहना है कि उनके वार्ड में हजारों लोग ऐसे हैं। सरकार ने अपनी व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो वह भी श्रमिकों के साथ सड़क पर आ जाएंगे।



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अबोहर में श्री गंगानगर बॉर्डर से राजस्थान में फंसे मजदूर, जिन्हें 70 खास बसों में वहां से निकालकर लाया गया है।


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मजदूरी के लिए राजस्थान गए 2585 लोग 61 बसों में लाैटे, दोनों राज्यों में हुई स्क्रीनिंग, लुधियाना में प्रदर्शन कर श्रमिक बोले-कोरोना से नहीं भूख से डर लगता है मजदूरी के लिए राजस्थान गए 2585 लोग 61 बसों में लाैटे, दोनों राज्यों में हुई स्क्रीनिंग, लुधियाना में प्रदर्शन कर श्रमिक बोले-कोरोना से नहीं भूख से डर लगता है Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 11:07 Rating: 5

मुंबई की मेयर दिन भर स्लम में राशन-दवाइयां बंटवाती हैं, रात में नर्स बन सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल करती हैं

मुंबई के सायन अस्पताल में इन दिनों एक नई नर्स दौड़ भाग कर रही है। यह दूसरों से अलग इसलिए है क्योंकि यह मुंबई की मेयर भी हैं। मेयर किशोरी पेडनेकर अपने बैग में अब दूसरे ज़रूरी सामान की तरह नर्स की यूनिफॉर्म भी रखती हैं। वह कहती हैं ‘पता नहीं कि किस अस्पताल से कब फोन आ जाए।
किशोरी पेडनेकर दिन में मेयर होने की जिम्मेदारी निभाती हैं और रात में उन्होंने नर्स बनकर कोरोना मरीजों की देखभाल करने का फैसला लिया है। वह बताती हैं कि उन्होंने दो तीन दिन पहले ही दक्षिण मुंबई के अस्पतालों में बतौर नर्स सेवाएं देने के लिए आग्रह किया था। मंगलवारको दिन में ही सायन अस्पताल से फोन आ गया था। जब दैनिक भास्कर की उनसे बात हुई तो वह इसी अस्पताल में थी। किशोरी ने बताया किरात में वह मुंबई के नायर अस्पताल में आठ घंटे की डयूटी करने वाली हैं। जिस भी अस्पताल से फोन आएगा,डयूटी करने जाऊंगी।

किशोरी मेयर होने के नाते अपने कार्यकर्ताओं और स्थानीय अधिकारियों के साथ स्लम और बाकी इलाकों की व्यवस्था देखने जाती हैं। मुंबई में 28 अप्रैल तक 219 लोगों की मौत हुई, जबकि 5 हजार 776 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए।

किशोरी ने 1979 में एएनएम का कोर्स किया था
दिन में वह मेयर होने के नाते सारे काम निपटाती हैं। जिसमें स्लम एरिया में खाने की व्यवस्था से लेकर दवाईंया और बाकी जरूरतें मुहैया कराना शामिल है।किशोरी शादी से पहले नर्स की नौकरी किया करती थी। वह बताती हैं कि 1979 में थाणे से एएनएम का कोर्स किया था। पिता दशरथ कावले मिल वर्कर थे और मां चारुशिलाघर का कामकाज संभालती थीं। पेडनेकर के अनुसार, चार बहनों और एक भाई का खर्च बहुत ज्यादा था। इसलिए पिता ने हम लोगों की आगे की पढ़ाई रोक दी। एएनएम का कोर्स करने के बादजवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट अस्पताल में नौकरी शुरूकर दी।

किशोरी बताती हैं कि महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने अपील कि थी कि जिसे भी मेडिकल फील्ड का काम आता है, वह मैदान में आए।कोरोना एक जंग है जिसे हमें जीतना है। महाराष्ट्र को जरूरत है, तब मैदान में नहीं आएंगे, तो कब आएंगे। जब मुझे नर्स का काम आता है तो सीएम की अपील और अस्पतालों में जरूरत को देखते हुए मैं किसी हालत में घर पर नहीं रह सकती।

बचपन में परिवार की जिम्मेदारियों और कमजोर आर्थिक स्थितियों के चलते किशोरी ने नर्सिंग का कोर्स किया था। एक अस्पताल में नौकरी भी करती थीं।

किशोरी के पति उनकी पूरी मदद करते हैं। यहां तक कि शादी के बादपति ने पढ़ाई पूरी करवाई। उसके बाद किशोरी शिवसेना की फायर फाइटर मंदाकिनी चौहान के साथ समाजसेवा के काम में लग गई और वहीं से राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई।
मुंबई में नर्सिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स भी काम कर रहे हैं। किशोरी के अनुसार, मैं पहले भी इन बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए अस्पताल जाती थीं, लेकिन अब यूनिफॉर्म में जाऊंगी तो उनका हौसला और बढ़ेगा। मुंबई की फर्स्ट सिटिजन किशोरी यह भी कहती है कि पहाड़ भी आ जाए, तो टकरा जाएंगे। डॉक्टर और नर्स होने का सुख और किस्मत भगवान हर किसी के नसीब में नहीं लिखता।



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The mayor of Mumbai distributes ration-medicines in the slums throughout the day, takes care of patients in government hospitals by becoming nurses at night


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मुंबई की मेयर दिन भर स्लम में राशन-दवाइयां बंटवाती हैं, रात में नर्स बन सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल करती हैं मुंबई की मेयर दिन भर स्लम में राशन-दवाइयां बंटवाती हैं, रात में नर्स बन सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल करती हैं Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 10:37 Rating: 5

19 नए पॉजिटिव केस आए, जयपुर में विधायक की सिफारिश पर क्वारैंटाइन सेंटर से 28 लोग अलग मकानों में शिफ्ट

राजस्थान में बुधवार को कोरोना के 19 नए पॉजिटिव केस सामने आए। जिसमें अजमेर में 11, जयपुर में 5, उदयपुर, बांसवाड़ा और जोधपुर में 1-1 संक्रमित मिला। जिसके बाद कुल पॉजिटिव का आंकड़ा 2383 पर पहुंच गया।

विधायक की सिफारिश पर क्वारैंटाइन सेंटर से 28 लोग अलग मकानों में शिफ्ट
कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वाले या संदिग्धों को जेडीए संचालित अलग-अलग जगह क्वारैंटाइन किया जा रहा है। लेकिन इन्हीं में से जयपुर के सीतापुरा स्थित ग्लोबल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सेंटर से 28 लोगों को विधायक की सिफारिश के बाद होम क्वारैंटाइन पर भेजने की छूट दे दी गई। यह संभवत: पहली बार है जब क्वारैंटाइन किए गए लोगों को समयावधि से पहले ही हाेम क्वारैंटाइन भेज दिया गया हो। सीएमएचओ ने कहा कि इन सभी लोगों को किशनपाेल विधायक अमीन कागजी की सिफारिश पर भेजा गया। हालांकि चिकित्सा विभाग ने आश्वस्त किया है कि संबंधित लोगों को तय प्रोटोकॉल के हिसाब से ही रखा जाएगा। टीम नजर रखेगी। होम क्वारैंटाइन किए गए लोगों को अलग से खाली मकान ढूंढकर उनमें शिफ्ट किया है। इससे पहले इनकी एक रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है।

पति के पास आई महिला, मोहल्ले वाले बोले-पहले जांच कराओ तब घर में रखना

भरतपुर के कमला रोड पर फरीदाबाद से आई एक महिला को लेकर मोहल्ले में हंगामा खड़ा कर दिया। लोगों का कहना था कि पहले कोरोना की जांच कराओ तब पत्नी बच्चों को अपने घर में रखना। लोग महिला और उसके बच्चे को पकड़ कर कुम्हेर गेट चौकी पर ले आए जहां पुलिस को सुपुर्द कर दिया। हुआ यूं कि कमला रोड पर रहने वाले खन्ना नामक व्यक्ति की पत्नीअपने बेटे को लेकर देररात फरीदाबाद से आई। लोगों को जब यह पता चला की फरीदाबाद से आई महिला ने कोरोना की जांच नहीं कराई है, इस पर लोग एकत्रित हुए और उन्होंने उस महिला को पहले जांच करा कराने को कहा। लोगों ने उसके पति पर दबाव बनाया और महिला को बच्चे सहित कुम्हेर गेट चौकी पर ले आए। कुम्हेर गेट चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने इसकी सूचना मेडिकल अधिकारियों को दी। रात्रि 10 बजे तक कोई टीम नहीं आई। इस पर पार्षद भगवान सिंह को लोगों ने मौके पर बुला लिया। उसने भी दूरभाष से अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई नहीं आया । बाद में घटना की सूचना एडीएम सिटी राजेश गोयल को दी गई जिन्होंने सीएमएचओ से कहकर तत्काल टीम भेजने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर लोग शांत हुए।

जयपुर में संदिग्धों को क्वारैंटाइन सेंटर तक पहुंचाने के लिए तैनात चिकित्साकर्मी।

राजस्थान:कोटा में पॉजिटिव मिले व्यक्ति ने राशन के साथ बांटा रोग,जयपुर के रामगंज में मेडिकल टीमें कम कीं

जयपुर के रामगंज में मेडिकल टीमें कम कीं, रैंडम सैंपलिंग घटने केे गंभीर परिणाम होंगे
रामरंग में सैंपल कम होने पर प्रमुख सचिव ऊर्जा और जयपुर के नोडल अफसर अजिताभ शर्मा ने सीएस डीबी गुप्ता को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि रामगंज में पहले की तर्ज पर ही फील्ड में रैंडम सैंपलिंग की जाए। ऐसा न करने पर भविष्य में और खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है। रामगंज में पहले 20 टीमें फील्ड में सैंपलिंग का कार्य कर रही थी। अब बहुत कम हैं। शर्मा ने रामगंज इलाके में टीमों की संख्या बढ़ाने के लिए अनुरोध किया है, जिससे रामगंज में अधिक से अधिक संख्या में सैंपलिंग कराई जा सके। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले कई दिनों से केवल क्वारैंटाइन सेंटर में रहने वाले लोगों की ही सैंपलिंग की जा रही है।

जोधपुर में लगातार चौथे दिन मौत 14 नए रोगी, कुल 400 संक्रमित
जोधपुर में कोरोना वायरस काल बन कर फैल गया है। मंगलवार को यहां लगातार चौथे दिन 5वीं मौत हुई। महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती बंबा मोहल्ला निवासी 70 वर्षीय वृद्ध ने दम तोड़ दिया, वहीं 14 नए पॉजिटिव भी सामने आए। इनमें प्रतापनगर के 6 रोगी शामिल हैं। 9 रोगियों की डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज औैर 5 की दिल्ली भेजे गए सैंपल से पुष्टि हुई। इसके साथ ही शहर में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 400 पर पहुंच गया। कोरोना से भयानक हो रहे हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले 100 से 400 मरीजों तक पहुंचने में केवल 13 दिन लगे। शहर में 15 अप्रैल को 100, 19 अप्रैल को 200 व 23 अप्रैल को रोगियों का आंकड़ा 300 पार पहुंच गया था। यहां से 400 तक पहुंचने में भी मात्र 5 दिन लगे। वहीं 8 अप्रैल को पहली मौत के बाद 20 दिन में अब तक 7 जानें जा चुकी हैं।

श्रीगंगानगर : दो होम क्वारैंटाइन और ऑन ड्यूटी प्रधानाचार्य की हुई मौत
श्रीगंगानगर जिले में तीन संदिग्ध मौतें हो गईं। इनमें से दो को तो होम क्वारैंटाइन किया हुआ था, जबकि तीसरा व्यक्ति सरकारी अधिकारी था और कोरोना ड्यूटी दे रहा था। जानकारी के अनुसार पप्पूराम बाजीगर जैसलमेर के रामगढ़ से पैदल चलकर 22 अप्रैल को रामसिंहपुर में पहुंचा था। उसे यहां होम क्वारैंटाइन किया गया था। मंगलवार शाम को करीब 4 बजे उसकी मौत हो गई। वहीं, क्वारैंटाइन सेंटर प्रभारी एवं 6/8 एलपीएम के सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य सेडूराम मीणा का मंगलवार शाम को ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। वे मूल रूप से सीकर बलूपुरा के निवासी थे। श्रीविजयनगर मंडी में वार्ड नं. 6 की पार्षद रेणु कपिला की घर में क्वारैंटाइन के दौरान मृत्यु हो गई।

कोटा में पॉजिटिव मिले व्यक्ति ने राशन के साथ बांटा रोग, संपर्क में आए 8 संक्रमित
कटा के इंदिरा मार्केट से आए 8 मरीजों में से 3 तो पहले पॉजिटिव आ चुके व्यक्ति के बेटे-बेटी व पत्नी हैं। 5 उसके किराएदार, ड्राइवर के परिवार के अाैर पड़ोसी हैं। पड़ताल में यह भी सामने आया कि पॉजिटिव व्यक्ति ने इन सभी लोगों को सब्जियां व राशन बांटा था।

झुंझुनू पुलिस बेजुबानों की मदद से लिए सामने आई।
  • प्रदेश में संक्रमण के सबसे ज्यादा केस जयपुर में हैं। यहां 866 (2 इटली के नागरिक) संक्रमित हैं। इसके अलावा जोधपुर में 448 (इसमें 47 ईरान से आए), कोटा में 189, अजमेर में 146, टोंक में 131, भरतपुर में 110, नागौर में 117, बांसवाड़ा में 64, जैसलमेर में 49 (इसमें 14 ईरान से आए), झुंझुनूं में 42, झालावाड़ में 40, बीकानेर में 37, भीलवाड़ा में 35 मरीज मिले हैं। उधर, दौसा में 21, चूरू में 14, हनुमानगढ़ में 11, सवाईमाधोपुर में 8, चित्तौड़गढ़ में 8, अलवर में 7, डूंगरपुर में 6, सीकर में 6, उदयपुर में 8, धौलपुर में 9, करौली में 3, पाली में 3, बाड़मेर और प्रतापगढ़ में 2-2 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। वहीं राजसमंद में 1 संक्रमित मिला है।
  • राजस्थान में कोरोना से अब तक 52 लोगों की मौत हुई है। इनमें सबसे ज्यादा मौत जयपुर में हुई है। यहां 29 जयपुर (जिसमें दो यूपी से) की जान जा चुकी है। इसके अलावा, जोधपुर में 7, कोटा में 6, भीलवाड़ा, सीकर और भरतपुर में 2-2, अलवर, बीकानेर, नागौर और टोंक में एक-एक की जान जा चुकी है।
  • कोराना संकट के बीच राहत की खबर यह है कि अब तक प्रदेश में 584 लोग स्वस्थ भी हुए हैं। जयपुर में 246 (2 इटली के नागरिक), जोधपुर 81, बीकानेर में 36, भीलवाड़ा में 24, जैसलमेर में 30, बांसवाड़ा में 31, झुंझुनू 38, टोंक में 35, चुरू 12, नागौर में 9, कोटा में 5, डूंगरपुर 5, दौसा में 5, झालावाड़ और भरतपुर में 4-4, हनुमानगढ़, सीकर, पाली और प्रतापगढ़ में दो-दो, बाड़मेर अलवर और करौली में एक-एक मरीज को डिस्चार्ज किया गया है। इसके अलावा, ईरान से जोधपुर और जैसलमेर लाए गए 8 लोगों भी संक्रमण से मुक्त हुए हैं।


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अजमेर में लॉकडाउ का पालन नहीं करने वालों पर पुलिस की सख्ती।


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19 नए पॉजिटिव केस आए, जयपुर में विधायक की सिफारिश पर क्वारैंटाइन सेंटर से 28 लोग अलग मकानों में शिफ्ट 19 नए पॉजिटिव केस आए, जयपुर में विधायक की सिफारिश पर क्वारैंटाइन सेंटर से 28 लोग अलग मकानों में शिफ्ट Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 10:37 Rating: 5

62 दिनों में 1635 लोग संक्रमित हुए और 50 की जान गई, अगले 28 दिनों में 961 मौतें हुईं, 29 हजार पॉजिटिव निकले

दुनियाभर में कहर बरसाने के बाद कोरोनावायरस ने भारत में तेजी से असर दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को देश में मरने वालों का आंकड़ा 1 हजार पार कर गया। देश में संक्रमण का पहला मामला 30 जनवरी को केरल से सामने आया था। आंकड़ों पर नजर डालें तो पहला मामला सामने आने के 62 दिनों में यानी 31 मार्च तक देश में 50 मौतें हुईं। पहली मौत 11 मार्च को दर्ज हुई। तब संक्रमितों की संख्या 1635 थी। इसके बाद संक्रमण ऐसा फैला कि महज 28 दिनों में कोरोना से 961 लोगों की जान चली गई और 29 हजार लोग संक्रमित हो गए। इस तरह से 30 जनवरी से अब तक देश में 1011 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 30 हजार 635 लोग संक्रमित हो चुके हैं।

28 अप्रैल को सबसे ज्यादा मामले आए, रिकॉर्ड मौतें हुईं

देश में कोरोना संक्रमितों और इससे होने वालीमौतों की संख्यालगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार 28 अप्रैल कोरिकॉर्ड1903 संक्रमित पाए गए।यह एक दिन में मिले मरीजों की सबसे अधिक संख्या है। इसी तरह मौतों के मामले में भी मंगलवार देश के लिए भारी दिन रहा। एक दिन में रिकॉर्ड 71 लोगों ने कोरोना के चलते दम तोड़ दिया। हालांकि, कुछ राहत की बात है किकोरोना मरीजों की रिकवरी रेट में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। देश में अब23.83%की दर से मरीज स्वस्थ्य हो रहे हैं। अब तक 7412 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं।स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 17 ऐसे जिले हैं जहां पहले केस आए थे, लेकिन पिछले 28 दिनों में यहां कोई मामले सामने नहीं आए।

30 जनवरी को देश में कोरोना का पहला केस मिला, फिर इस तरह बढ़ी संख्या

कितने दिन में कितने केस तारीख कुल केस
45 दिन में 100 केस 30 जनवरी से 14 मार्च 102
16 दिन में 1000 केस 15 मार्च से 29 मार्च 1,139
11 दिन में 5000 केस 30 मार्च से 9 अप्रैल 6,728
11 दिन में 10,000 केस 8 अप्रैल से 19 अप्रैल 17,305
9 दिन में 13,119 केस 20 अप्रैल से 28 अप्रैल 30,424

टॉप-5 राज्य जहां संक्रमण का सबसे ज्यादा असर

राज्य कितने संक्रमित कितने ठीक हुए कितनी मौत
महाराष्ट्र 8590 1282 397
गुजरात 3774 434 181
दिल्ली 3314 1078 54
राजस्थान 2364 744 52
मध्यप्रदेश 2387 373 120

इन 05दिनों सबसे ज्यादा मामले सामने आए

दिन मामले
23 अप्रैल 1667
25 अप्रैल 1835
26 अप्रैल 1607
27 अप्रैल 1561
28 अप्रैल 1903

इन 05 दिनों सबसे ज्यादा मौतें हुईं

तारीख मौतें
23 अप्रैल 44
24 अप्रैल 57
25 अप्रैल 37
26 अप्रैल 60
27 अप्रैल 54
28 अप्रैल 71


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62 दिनों में 1635 लोग संक्रमित हुए और 50 की जान गई, अगले 28 दिनों में 961 मौतें हुईं, 29 हजार पॉजिटिव निकले 62 दिनों में 1635 लोग संक्रमित हुए और 50 की जान गई, अगले 28 दिनों में 961 मौतें हुईं, 29 हजार पॉजिटिव निकले Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 09:37 Rating: 5

भारत और न्यूजीलैंड में एक ही दिन लॉकडाउन लगा, लेकिन वहां कोरोना खत्म होने पर; 15 दिनों से वहां रोज 20 से भी कम मरीज आ रहे

भारत और न्यूजीलैंड दो देश। दोनों के बीच करीब 12 हजार किमी की दूरी। दोनों की आबादी में भी जमीन-आसमान का अंतर। एक तरफ भारत की आबादी 135 करोड़। दूसरी तरफ न्यूजीलैंड की आबादी करीब 50 लाख।भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही देशों में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए एक ही दिन लॉकडाउन लगाया गया। भारत में 25 मार्च से ही लॉकडाउन लागू है, तो वहीं न्यूजीलैंड में भी इसी दिन दोपहर 12 बजे से।
दोनों ही देशों में लॉकडाउन लगे एक महीने हो चुके हैं। इस एक महीने में एक तरफ न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न ने दो दिन पहले कहा था किउनका देश कोरोनावायरस से लड़ाई जीत गया है। उनका कहना था कि हम इकोनॉमी खोल रहे हैं, लेकिन लोगों की सोशल लाइफ नहीं।दूसरी तरफ, भारत में 3 मई के बाद भी हॉटस्पॉट वाले इलाकों में लॉकडाउन बढ़ाने की तैयारी हो रही है। अभी देश में 170 से ज्यादा इलाके हॉटस्पॉट हैं।

हालांकि, कोरोना से लड़ने में न्यूजीलैंड को अपनी कम आबादी और ज्योग्राफी का भी फायदा मिला। पिछले 15 दिन से वहां रोज 20 से कम ही मरीज आ रहे हैं। 28 अप्रैल तक वहां 1472 केस आ चुके हैं, जिसमें से अब सिर्फ 239 केस ही एक्टिव हैं,जबकि19 लोगों की मौत हुई है।

फरवरी में ही चीन से आने वाले यात्रियों की एंट्री पर रोक
न्यूजीलैंड में कोरोना का पहला मरीज 28 फरवरी को मिला था। लेकिन, उससे पहले से ही सरकार ने इससे निपटने की तैयारियां शुरू कर दीं।3 फरवरी से ही सरकार ने चीन से न्यूजीलैंड आने वाले यात्रियों की एंट्री पर रोक लगा दी थी। हालांकि, इससे न्यूजीलैंड के नागरिकों और यहां के परमानेंट रेसिडेंट को छूट थी। इसके अलावा, जो लोग चीन से निकलने के बाद किसी दूसरे देश में 14 दिन बिताकर आए, उन्हें ही न्यूजीलैंड में आने की इजाजत थी।
इसके बाद 5 फरवरी को ही न्यूजीलैंड ने चीन के वुहान में फंसे अपने यात्रियों को चार्टर्ड फ्लाइट से देश लेकर आ गई। इनमें 35 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भी थे। इन सभी लोगों को आर्मी के बनाए क्वारैंटाइन सेंटर में 14 दिन रखा गया।इसके अलावा, न्यूजीलैंड में 20 मार्च से ही विदेशी नागरिकों की एंट्री पर रोक लगा दी थी, जबकिभारत में 25 मार्च से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद हुईं।

ये तस्वीर न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर की है। सोमवार से ही यहां पर लॉकडाउन में थोड़ी ढील देकर लेवल-3 लागू किया गया है।

4-लेवल अलर्ट सिस्टम बनाया, बहुत पहले ही लॉकडाउन लगाया
23 मार्च को न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न ने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में अभी कोरोना के 102 मामले हैं। लेकिन, इतने ही मामले कभी इटली में भी थे।' ये कहने का मकसद एक ही था कि अभी नहीं संभले तो बहुत देर हो जाएगी।’वहां की सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए 4-लेवल अलर्ट सिस्टम बनाया। इसमें जितना ज्यादा लेवल, उतनी ज्यादा सख्ती, उतना ज्यादा खतरा।
21 मार्च को जब सरकार ने इस अलर्ट सिस्टम को इंट्रोड्यूस किया, तब वहां लेवल-2 रखा गया था। उसके बाद 23 मार्च की शाम को लेवल-3 और 25 मार्च की दोपहर को लेवल-4 यानी लॉकडाउन लगाया गया। सोमवार से वहां लेवल-4 से लेवल-3 लागू कर दिया गया है। 25 मार्च से लेकर अभी तक दोनों ही देशों में लॉकडाउन है। न्यूजीलैंड में जब लॉकडाउन लगा तब वहां कोरोना के 205 मरीज थे और भारत में जब लॉकडाउन लगा, तब यहां 571 मरीज थे।

कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की
न्यूजीलैंड में अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिलता, तो वहां की सरकार 48 घंटे के अंदर उसकी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग भी करती है। यानी, किसी व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव मिलने पर उसके सभी करीबी रिश्तेदारों-दोस्तों को कॉल किया जाता था और उन्हें अलर्ट किया जाता था।ऐसा इसलिए ताकि लोग खुद ही टेस्ट करवा लें या सेल्फ-क्वारैंटाइन में चले जाएं।

ये तस्वीर न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर की है। यहां महीनेभर बाद मंगलवार को फिर कंस्ट्रक्शन साइट पर मजदूर दिखाई दिए।

लॉकडाउन तोड़ने वालों पर सख्ती, तुरंत एक्शन
25 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद भी कुछ लोग घरों से बाहर निकल रहे थे। इनमें ज्यादातर यंगस्टर्स थे। इस पर प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डन ने समझाइश दी कि देश में कोरोना के ज्यादातर मामले 20 से 29 साल के लोगों में आ रहे हैं। अगर आप घर से बाहर निकलेंगे तो आपको कोरोना होने के चांस ज्यादा हैं।

31 मार्च कोरेमंड गैरी कूम्ब्स नाम का व्यक्ति लोगों पर थूक रहा था। उसने इसका वीडियो बनाकर फेसबुक पर शेयर भी किया। उसके बाद 4 अप्रैल को भी वह ऐसा ही कर रहा था। अगले ही दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। और उसके अगले दिन कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। हालांकि, बाद में उसे जमानत मिल गई। कूम्ब्स की सजा पर 19 मई को फैसला होना है।
न्यूजीलैंड पुलिस के मुताबिक, 28 अप्रैल तक 5 हजार 857 लोगों ने लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन किया। इनमें से 629 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। जबकि, 5 हजार 41 लोगों को वॉर्निंग देकर छोड़ दिया गया।



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भारत और न्यूजीलैंड में एक ही दिन लॉकडाउन लगा, लेकिन वहां कोरोना खत्म होने पर; 15 दिनों से वहां रोज 20 से भी कम मरीज आ रहे भारत और न्यूजीलैंड में एक ही दिन लॉकडाउन लगा, लेकिन वहां कोरोना खत्म होने पर; 15 दिनों से वहां रोज 20 से भी कम मरीज आ रहे Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 09:37 Rating: 5

सेंसेक्स 196 अंक और निफ्टी 27 पॉइंट ऊपर खुला, मंगलवार को अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 0.13% गिरावट के साथ हुआ बंद

सप्ताह में आज कारोबार के तीसरे दिन बाजार बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स 196.52 अंक ऊपर और निफ्टी 27.70 पॉइंट ऊपर खुला। इससे पहले मंगलवार को बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था। कल सुबह सेंसेक्स 358.83 अंक ऊपर और निफ्टी 107.5 पॉइंट ऊपर खुला था। हालांकि, पहले घंटे की ट्रेडिंग के दौरान बाजार 4 बार नीचे गिरा। करीब 12:40 PM के बाद बाजार में फिर से तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 371.44 अंक ऊपर 32,114.52 पर और निफ्टी 98.60 पॉइंट ऊपर 9,380.90 पर बंद हुए थे।

अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए
मंगलवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 0.13 फीसदी की गिरावट के साथ 32.23 अंक नीचे 24,101.60 पर बंद हुआ। वहीं, अमेरिका के दूसरे बाजार नैस्डैक 1.40 फीसदी गिरावट के साथ 122.43 अंक नीचे 8,607.73 पर बंद हुआ। दूसरी तरफ, एसएंडपी 0.52 फीसदी गिरावट के साथ 15.09 पॉइंट नीचे 2,863.39 पर बंद हुआ। हालांकि, चीन का शंघाई कम्पोजिट 0.59 फीसदी बढ़त के साथ 16.62 पॉइंट ऊपर 2,826.64 पर बंद हुआ। इधर फ्रांस, इटली, जर्मनी के बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए।

कोरोनो से देश और दुनिया में मौतें
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 31,324 हो गई है। इनमें 22,569 की रिपोर्ट पॉजीटिव है। वहीं 7,747 संक्रमित ठीक हो गए हैं। देश में अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 1,008 हो चुकी है। ये आंकड़े covid19india.org के अनुसार हैं। दूसरी तरफ, दुनियाभर में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 3,138,115 हो चुकी है। इनमें 217,970 की मौत हो चुकी है। इसी दौरान 955,176 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या 59,266 हो चुकी है।

09:24 AM बीएसई सेंसेक्स 30 में शामिल 7 कंपनियों के शेयरों में गिरावट और 23 कंपनियों के शेयरों में बढ़त है।

09:15 AM सेंसेक्स 180.18 अंक ऊपर 32,294.70 पर और निफ्टी 56.70 पॉइंट ऊपर 9,437.60 पर कारोबार कर रहा है।

अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए

अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 0.13 फीसदी की गिरावट के साथ 32.23 अंक नीचे 24,101.60 पर बंद हुआ।


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मंगलवार को 371 अंक ऊपर बंद हुआ बाजार आज 196 अंक की बढ़त के साथ खुला।


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कोरोना संक्रमितों की संख्या 2 हजार पार हुई; बरेली में संक्रमण से पहली मौत, काशी 24 घंटे तक पूरी तरह सील रहेगी

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का असर 60 जिलों में फैल गया है। राज्य में अभी तक कुल 2053 कोरोना पॉजिटिव मिले। जबकि 462 कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए। बीते 24 घण्टेमें कुल 63 लोगों कोस्वस्थ होने पर घर भेजा गया।प्रदेश मेंकोरोना से 34 लोगों की मौत भी हो चुकी है। कोरोना के अभी 1557 एक्टिव केस हैं। मंगलवार को राज्य में कुल 66 मामले सामने आए थे। इस बीच बरेली में संक्रमित मरीज की बुधवारसुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।

बरेली में हजियापुर के रहने वाले 35 साल के शख्स को सांस लेने में तकलीफके चलते सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।जांच के बाद पता चला कि पीड़ित कोरोना पॉजिटिव है।इसके बाद उसे निजी अस्पताल में एडमिट कराया गया था।उसके परिवार के सभी 6 सदस्यों को निजी अस्पताल में क्वारैंटाइन किया गया है।

आगरा:15 नए पॉजिटिव मामले सामने आए

आगरा में कोरोना संक्रमित मरीजों के लगातार सामने आने से यहां स्थिति विस्फोटक होती जा रही है। आगरा में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 400 को पार कर गया है। इस बीच आला अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
आगरा में लगातार कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। जिले में अब तक 400 केस मिले हैं। इस बीच आला अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।

आगरा में 15 कोरोना मरीज और मिले हैं। इनमें एक प्रशासनिक अधिकारी का सुरक्षाकर्मी शामिल है। शहरमें संक्रमितों का आंकड़ा 404 पर जा पहुंचा।संक्रमण के मामले में आगरा प्रदेश में पहले और देश में 11वें स्थान पर है। बुधवार सुबह 12 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।जबकि तीन लोगों की मंगलवार देर शाम रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। आगरा में अधिकारियों ने कई अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षणकर मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा भी लिया।

मेरठ: मुस्लिमनेहिंदू की अर्थी को कंधा दिया

मेरठ में मंगलवार को एक हिन्दू समुदाय के बुजुर्ग की मौत हो गई। उनकी अर्थी को कांधा देने वाले भी नहीं थे। इस दौरान वहां रहने वाले मुस्लिम भाईयों ने भाइचारे की मिसाल कायम करते हुए उनकी अर्थी को कांधा देते हुए अंतिम संस्कार कराया।
मेरठ में मंगलवार को एक हिन्दू समाज के बुजुर्ग की मौत हो गई। उनकी अर्थी को कंधा देने वाले भी नहीं थे। इस दौरान वहां रहने वाले मुस्लिमों ने भाइचारे की मिसाल कायम की और बुजुर्ग की अर्थी को कंधा देकर अंतिम संस्कार कराया।

मेरठ में कौमी एकता की मिसाल की यह तस्वीर कई सांप्रदायिक दंगे देख चुके इस शहर के लिए किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं है।शाहपीर गेट स्थित कायस्थ धर्मशाला में नीचे भगवान चित्रगुप्त का ऐतिहासिक मंदिर है। धर्मशाला के प्रथम तल पर मंदिर के पुजारी रमेशचंद माथुर (68) परिवार के साथ रहते थे। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे। मंगलवार कोउनका निधन हो गया। घर पर पत्नी रेखा माथुर और छोटा बेटा चंद्रमौलि थे। बड़ा बेटा दिल्ली में था। लॉकडाउन के चलते नहीं पहुंच सका। अर्थी को चार कंधों की जरूरत थी। ऐसे में शाहपीरगेट के मुस्लिम आगे आए और अंतिम संस्कार से पहले की रस्में पूरी कराने के साथ अर्थी को कंधा भी दिया।


वाराणसी: एक दिन के लिए पूरा शहरसील
जिले में बढ़ते संक्रमण कोदेखते हुए प्रशासन नेएक दिन के लिए काशी पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है। केवल मेडिकल इमरजेंसी के अलावा कोई मिला तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। शहर में मंगलवार शाम को 12 केस मिलने से जिलाधिकारीकौशल राज ने बुधवार को संपूर्ण लाॅकडाउन का आदेश जारी किया है। किसी भी मंडी और दुकानों के खुलने के आदेश को एक दिन के लिए रद्द और सभी पास कैंसिल कर दिए गए हैं। सुबह से ही बंदी का व्यापक असर देखने को मिला। चौक इलाका, सदर बाजार, सारनाथ सब्जी मंडी सभी पूरी तरह से बंद दिखा।



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वाराणसी में प्रशासन ने एक दिन के लिए पूरा शहर सील करने का फैसला लिया है। यहां पर मंगलवार को एक साथ 12 पॉजिटिव मामले सामने आए थे। फिलहाल, सारे पास रद्द कर दिए गए हैं। सुबह से सड़कों पर सन्नाटा देखा गया।


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कोरोना संक्रमितों की संख्या 2 हजार पार हुई; बरेली में संक्रमण से पहली मौत, काशी 24 घंटे तक पूरी तरह सील रहेगी कोरोना संक्रमितों की संख्या 2 हजार पार हुई; बरेली में संक्रमण से पहली मौत, काशी 24 घंटे तक पूरी तरह सील रहेगी Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 09:37 Rating: 5
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