ब्रिटेन में एक दिन में 53 हजार से ज्यादा मामले, नया स्ट्रेन अमेरिका पहुंचा

दुनिया में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 8.22 करोड़ के ज्यादा हो गया। 5 करोड़ 83 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 17 लाख 95 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। ब्रिटेन में वैक्सीनेशन शुरू होने और कुछ हिस्सों में लॉकडाउन के बावजूद संक्रमण कम होने का नाम नहीं ले रहा। यहां मंगलवार को एक ही दिन में 53 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। ब्रिटेन में पाए गए कोविड-19 के नए वैरिएंट से संक्रमित पहला मामला अमेरिका में भी मिला है।

ब्रिटेन में हालात बिगड़े
ब्रिटेन में एक दिन में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। ‘द गार्डियन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को देश में कुल 53 हजार 135 नए मामले सामने आए। इसके एक दिन पहले यानी सोमवार को 40 हजार मामले सामने आए थे। मंगलवार को जहां 53 हजार से ज्यादा मामले सामने आए तो इसी दौरान 414 लोगों की मौत भी हो गई। हेल्थ डिपार्टमेंट ने एक बयान में कहा- हम सिर्फ इतना कह सकते हैं कि क्रिसमस के बाद नया डेटा सामने आया है। इसमें कोई दो राय नहीं कि देश में संक्रमण बहुत तेजी से फैला है।

नए स्ट्रेन की अमेरिका में दस्तक
ब्रिटेन में पिछले हफ्ते पाए गए नए स्ट्रेन यानी कोविड-19 के नए वैरिएंट ने अब अमेरिका में भी दस्तक दे दी है। यहां कोलारेडो के एक अस्पताल में एक मरीज में नए स्ट्रेन के लक्षण मिले हैं। यह मामला सामने आने के बाद अमेरिकी एडमिनिस्ट्रेशन सतर्क हो गया है। अमेरिका में पहले ही हालात खराब हैं और नए स्ट्रेन के बारे में कहा जा रहा है कि यह पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैलता है। खास बात यह है कि कोलारेडो के जिस 20 साल के लड़के में नया स्ट्रेन पाया गया है उसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। लिहाजा, हेल्थ अफसर यह मानकर चल रहे हैं कि ऐसे और भी मामले सामने आ सकते हैं।

अमेरिका के डेनवर में मंगलवार को एक रेस्टोरेंट में मास्क लगाए वेटर। अमेरिका में भी उस नए स्ट्रैन ने दस्तक दे दी है, जो ब्रिटेन में पाया गया था।

चीन के वुहान पर नया खुलासा
चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की एक स्टडी के मुताबिक, वुहान में लगभग पांच लाख लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। यह लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से दिए गए डेटा से 10 गुना ज्यादा है। स्टडी के लिए वुहान के अलावा बीजिंग, शंघाई समेत दूसरे शहरों से सैम्पल लिए गए थे।

वुहान में ही सबसे पहले दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस के मामले सामने आए थे। रिसर्चर्स के मुताबिक, यहां की कुल आबादी एक करोड़ दस लाख में से 4.43% के शरीर में एंटीबॉडी पाई गई। वुहान म्युनिसिपल हेल्थ कमीशन ने यहां कुल 50 हजार 354 मामलों की पुष्टि की थी।

कोरोना प्रभावित टॉप-10 देशों में हालात

देश

संक्रमित मौतें ठीक हुए
अमेरिका 19,976,772 346,563 11,842,929
भारत 10,245,326 148,475 9,833,339
ब्राजील 7,564,117 192,716 6,647,538
रूस 3,105,037 55,827 2,496,183
फ्रांस 2,574,041 64,078 191,806
यूके 2,382,865 71,567 N/A
तुर्की 2,178,580 20,388 2,058,437
इटली 2,067,487 73,029 1,425,730
स्पेन 1,894,072 50,122 N/A
जर्मनी 1,677,280 31,613 1,277,900

(आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं)



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मंगलवार को लंदन के एक मॉल में मौजूद लोग। यहां मास्क लगाना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर जुर्माना देना पड़ेगा। मंगलवार को ब्रिटेन में 53 हजार से ज्यादा मामले सामने आए।


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किसान आज दोपहर 2 बजे सरकार के साथ मीटिंग करेंगे, कहा- इसे आखिरी बातचीत मान रहे

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 35वां दिन है। किसानों की आज दोपहर 2 बजे सरकार से बातचीत होगी। हालांकि, किसान कानून वापसी और MSP पर अलग कानून लाने की मांग पर अड़े हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता हरमीत सिंह कादिया ने कहा कि सभी किसान संगतें बुधवार को होने वाली बैठक को अंतिम बातचीत के तौर पर मान कर चल रहे हैं।

21 दिन बाद बातचीत
किसानों और सरकार के बीच पहले हुई 6 दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी। आखिरी मीटिंग 8 दिसंबर को हुई थी। उसके बाद बातचीत का दौर थम गया था और किसानों ने विरोध तेज कर दिया था। ऐसे में सरकार ने 3 बार चिट्ठियां लिखकर किसानों को मीटिंग के लिए मनाने की कोशिश की। आखिर किसान बैठक के लिए तो राजी हो गए, लेकिन कहा कि चर्चा उनके एजेंडे पर ही होनी चाहिए।

शाह ने 3 मंत्रियों के साथ 2 घंटे बैठक कर स्ट्रैटजी बनाई
संयुक्त किसान मोर्चा ने बातचीत के लिए राजी होने का ईमेल मंगलवार को सरकार को भेजा। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने मीटिंग कर स्ट्रैटजी बनाई। कृषि मंत्री ने शाह को बताया कि सरकार ने किसानों को क्या-क्या प्रपोजल भेजे हैं और किसानों का क्या एजेंडा है। 2 घंटे चली बैठक में चर्चा हुई कि दोनों पक्षों के एजेंडे में जो अंतर हैं, उन्हें कैसे कम किया जाए।

कृषि मंत्री की अपील- किसान खुले और साफ मन से बात करें
आखिर में तय हुआ है कि सरकार पहले अपने पुराने प्रस्ताव पर मनाने-समझाने की कोशिश करेगी। बात नहीं बनी तो कुछ और बदलाव के प्रपोजल रखे जा सकते हैं। बैठक के बाद कृषि मंत्री ने कहा कि उम्मीद है बातचीत पॉजिटिव रहेगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि खुले और साफ मन से बात करें, जिससे किसी नतीजे पर पहुंच सकें।

पंजाब के एक और किसान ने दम तोड़ा
टिकरी बॉर्डर पर चल पर प्रदर्शन में एक महीने से बैठे गांव धर्मपुरा के किसान प्यारा सिंह (75) की ठंड लगने से मौत हो गई। वे भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा से जुड़े हुए थे। वहीं 24 दिसंबर को सड़क हादसे में जख्मी हुए दौदड़ा के मजदूर दर्शन सिंह की सड़क मंगलवार को मौत हो गई।

विरोध का गजब तरीका- बैक गियर में ट्रैक्टर
पंजाब में बरनाला के गांव फरवाही के दो किसान ट्रैक्टर को बैक गियर में डालकर करीब 224 किमी दूर सिंघु बॉर्डर के लिए रवाना हुए। इसके जरिए उन्होंने यह मैसेज दिया कि केंद्र सरकार भी कृषि कानूनों पर बैक गियर लगाए।



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किसान आंदोलन में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मंगलवार की फोटो दिल्ली के टिकरी बॉर्डर की है।


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2020 ने दुनिया को सिखाया कि मेडिकल क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट उपयोगी और जरूरी है

मानव इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि पूरा विश्व एक साथ संक्रामक बीमारी की चपेट में आ गया और ज्यादातर देशों को एक-दूसरे से अपना फिजिकल संपर्क तक तोड़ना पड़ा। लोगों को घरों में बंद रहना पड़ा, पूरा विश्व करीब-करीब लॉकडाउन में रहा।

अमीर हो या गरीब देश कोई भी इस तरह की संक्रामक बीमारी से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं था। बीमारी फैलती जा रही थी। जांच से लेकर इलाज के लिए मरीज और दुनियाभर के देश जद्दोजहद करते दिखे। वर्ष 2020 ने दुनिया के देशों को सिखाया कि मेडिकल क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट कितना उपयोगी और जरूरी है।

कोरोना के बाद इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाया गया और बहुत जल्द इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं। महज एक वर्ष से भी कम समय में इतने सारे वैक्सीन प्लेयर एक साथ आ चुके हैं। इस महामारी ने बताया कि निजी और सरकारी क्षेत्र यदि साथ मिलकर काम करें तो न सिर्फ रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिहाज से बल्कि इलाज की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण होगा।

यदि दुनिया के विकसित देश भी इस ओर ध्यान देते, तो जो स्थिति 2020 में हुई, वैसी नहीं हाेती। विकसित देशों से विकासशील या गरीब देश भी सीख पाते लेकिन स्थिति ऐसी हुई कि कोई भी देश सिखाने की स्थिति में भी नहीं था। इंसान अपनी गलतियों से सीखता है, यह बात कोरोना काल में भी देखने को मिली है।

पूरा विश्व इस संक्रामक बीमारी से निपटने में एकसाथ जुटा और इसके शुरुआती नतीजे भी देखने को मिले हैं। इस महामारी से पहले जीनोम सीक्वेंसिंग जैसे वैज्ञानिक कार्यों पर वैज्ञानिकों का भी ध्यान नहीं होता था। लेकिन कोविड-19 ने यह भी बताया कि जब कोई नया वायरस आता है तो सिर्फ उस वायरस की पहचान करने वाली जांच नहीं करनी है।

बल्कि वायरस की जीनोम सीक्वेंसिंग भी जरूरी है, क्योंकि वायरस म्यूटेट करता है और कौन-सा स्ट्रेन कितना घातक होगा इसका अध्ययन बेहद जरूरी है। इसी पर आगे के इलाज से लेकर वैक्सीन डेवलपमेंट भी निर्भर करता है।

इस बीमारी ने सिखाया कि कैसे कम से कम समय में जांच किट से लेकर इलाज के लिए दवा हो या तकनीक सब-कुछ विकसित किया जा सकता है। विश्वभर के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने एकसाथ मिलकर काम किया और इसका नतीजा यह रहा कि जांच किट से लेकर इलाज के लिए दवाई बहुत कम समय में दुनियाभर के लिए उपलब्ध हो पाई।

देखते ही देखते दुनियाभर में हजारों बेड के हॉस्पिटल तैयार हो गए। बड़े मैदानों को क्वारैंटाइन सेंटरों में बदल दिया गया। हमने वेंटिलेटर की कमी का सामना किया तो दुनियाभर के इनोवेटर आगे आए और भारी-भरकम वेंटिलेटर के आसान विकल्प बना दिए। दुनियाभर में तेजी से किए गए इन प्रयासों ने कोरोना वायरस की रफ्तार को धीमा अवश्य किया।
मानवजाति ने मान लिया था कि हम सबके गुरु हैं और कहीं भी पहुंच सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। प्रकृति के सामने किसी की नहीं चलती। उसे बर्बाद करने का नतीजा हम सबके सामने हैं। हम जंगल को खत्म कर रहे हैं, इससे पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है। इन सबका नतीजा बहुत खतरनाक हुआ है, जानवरों के अंदर के वायरस इंसानों में आ रहे हैं। स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण भी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनेगी, तभी ऐसे अदृश्य खतरों को रोका जा सकता है।
कोरोना ने ही सिखाया कि कैसे आपदा में एक साथ मिलकर काम करने से किसी भी तरह की चुनौती से निपटा जा सकता है। दुनियाभर के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने एकसाथ कई बार ऑनलाइन बैठकें कीं और हर देश ने एक-दूसरे से अपने अनुभव साझा किये। जिसके परिणाम स्वरूप एक समय खतरनाक रूप ले रहे वायरस के बढ़ते दुष्प्रभाव को रोका गया। अब उम्मीद है कि वैक्सीन के प्रोडक्शन में भारत का लोहा दुनिया मानेगी क्योंकि विश्व की बड़ी आबादी को वैक्सीन की जरूरत भारत ही पूरी करेगा। विश्व के लोगों को सस्ती वैक्सीन तभी मिलेगी जब भारत में बड़े पैमाने पर वैक्सीन का उत्पादन होगा।



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सौम्या स्वामीनाथन, चीफ साइंटिस्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन


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2020 ने दुनिया को सिखाया कि मेडिकल क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट उपयोगी और जरूरी है 2020 ने दुनिया को सिखाया कि मेडिकल क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट उपयोगी और जरूरी है Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 07:36 Rating: 5

2020 ने सिखाया कि हवा-पानी को साफ रखने के लिए हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

2020 के कोरोना काल ने पर्यावरण के संबंध में हमें स्पष्ट रूप से सिखाया कि हवा-पानी को साफ रखने के लिए हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं? लॉकडाउन के दौरान हवा इतनी साफ हो गई थी कि देश के तमाम हिस्सों से हिमालय पर्वतश्रृंखला के दर्शन होने लगे।

शहरों में भी आसमान इतना साफ हो गया कि तारे नजर आने लगे। दिल्ली में यमुना के किनारे पर पानी का रंग इतना साफ हो गया कि मछलियां नजर आने लगीं, गंगा में कई स्थानों पर डॉल्फिन दिखने की खबरें आईं। विज्ञान की भाषा में बोलें तो देश के तमाम महानगरों का एक्यूूआई 100 के नीचे आ गया, नदियों के पानी में डिजॉल्व ऑक्सीजन बढ़ गई, बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) कम हो गई। पहाड़ी इलाकों में गतिविधियां थमी रहीं, हलचल कम रही सो लैंडस्लाइड कम हुए, डंपिंग न के बराबर रही, नतीजा यह हुआ कि ग्लेशियर से पिघला जल नदियोंं से होता हुए मैदानों तक शुद्ध रूप में ही पहुंचा।
दरअसल, नदियों के प्रदूषण को कम करने के लिए सालों से करोड़ों रुपए की योजनाएं लागू करने के बाद भी जल की गुणवत्ता में इतना सुधार नहीं आ पाया था जो लॉकडाउन के शुरुआती तीन हफ्तों में ही दिखा। सीधा सबक है कि यदि नदियों में औद्योगिक गंदगी नहीं जाएगी तो नदियां खुद-ब-खुद साफ हो जाएंगी। लेकिन सदा के लिए तो लॉकडाउन नहीं रह सकता या उद्योग बंद नहीं किए जा सकते, इसलिए समझना यह है कि किस तरह उद्योगों के मैल को नदियों में पहुंचने से रोका जाए या उसे उपचारित करके ही नदियों में डाला जाए।

इसी तरह, सड़कों पर वाहनों का आवागमन बंद था, औद्योगिक इकाइयां और निर्माण कार्य बंद थे, इसलिए धूल व धुआं भी नहीं उड़ रहा था सो हवा की गुणवत्ता में भी भारी सुधार आया। यानी लॉकडाउन ने सीधे तौर पर दिखा दिया कि हमारी किन गतिविधियों से प्रदूषण बढ़ता है। इसलिए हमें कैसे संतुलन व नियंत्रण रखना है, इसकी सीधी सीख मिली। निर्माण कार्य, औद्योगिक गतिविधियों को हमें किस तरह योजनाबद्ध तरीके से करना है कि वह पर्यावरण को कम से कम प्रदूषित करे।
कोरोना संक्रमण का भले ही पूरे विश्व की मानवजाति पर बेहद प्रतिकूल असर रहा हो लेकिन हिमालय के लिए यह अपेक्षाकृत अनुकूल साबित हुआ। इस साल हिमालय पर पर्वतारोहण व साहसिक पर्यटन बिल्कुल बंद रहा, पहाड़ों पर इंसानी गतिविधियां न के बराबर हुईं। ऊपर से, यूरोप समेत पूरी दुनिया में ऑटोमोबाइल और कार्बन उत्सर्जन करने वाले उद्योग कई महीने बंद रहे। इससे प्रदूषण पश्चिमी विक्षोभ के साथ हिमालय तक नहीं पहुंच पाया और इससे ब्लैक कार्बन की मात्रा पिछले कई दशकों से बेहद कम हो गई। अभी ये कितनी कम रही है, इस पर ग्लेशियर वैज्ञानिक शोध कर रहे हंै। लेकिन उम्मीद है कि परिणाम बहुत अनुकूल रहे हैं।
कुल मिलाकर जो ऑक्सीजन पूूरी दुनिया को हिमालय देता है, वो हिमालय भी काफी हद तक इस साल तरोताजा हुआ है। यह आंशिक ही सही, लेकिन कुछ फायदे की बात रही। हिमालय में ग्लेशियर का दायरा कम होने के पीछे ग्लोबल वार्मिंग व क्लाइमेट चेंज को जिम्मेदार माना जाता है, ऐसे में खासतौर पर कोरोना काल में हम क्लाइमेट चेंज व ग्लोबल वार्मिंग जैसे बड़े मुद्दों और पर्यावरण से कम से कम छेड़छाड़ के प्रति अपेक्षाकृत ज्यादा जागरूक हुए।



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डीपी डोभाल, पूर्व वैज्ञानिक, वाडिया इंस्टीट्यूट, देहरादून


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नड्‌डा पर हमले के समय तैनात IPS अफसर को ममता ने प्रमोशन दिया, केंद्र सरकार ने प्रतिनियुक्ति पर बुलाया था

पश्चिम बंगाल में BJP और सत्ताधारी TMC के बीच दाव-पेंच जारी हैं। यहां 10 दिसंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के काफिले पर हमला हुआ था। इस दौरान सुरक्षा का जिम्मा जिन IPS अधिकारियों पर था, उन्हें केंद्र ने प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली बुलाने का आदेश जारी कर दिया। लेकिन ममता ने न सिर्फ इस आदेश को अनसुना किया बल्कि मंगलवार उन अधिकारियों में एक- राजीव मिश्रा को प्रमोशन भी दे दिया।
मिश्रा दक्षिण बंगाल पुलिस जोन में महानिरीक्षक थे। उन्हें यहीं अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) बना दिया गया है। डायमंड हार्बर जिला पुलिस अधीक्षक भोलानाथ पांडेय को SP होमगार्ड के पद पर ट्रांसफर किया गया। वहीं एक अन्य IPS डीआईजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी अब भी वहीं तैनात हैं। राजीव मिश्रा के साथ-साथ पांडेय और त्रिपाठी भी नड्‌डा की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे।

केंद्र ने प्रतिनियुक्ति पर बुलाया था

नड्‌डा के काफिले पर पथराव के बाद इन तीनों अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 16 दिसंबर को केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर बुलाया था। इनमें से मिश्रा को ITBP, पांडे काे ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR & D) और त्रिपाठी को SSB में भेजा गया था। लेकिन ममता सरकार ने इनमें से किसी को रिलीव नहीं किया था।
भाजपा ने उकसावे वाला कदम बताया

मिश्रा को पदाेन्नत किए जाने के फैसले को भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने ‘उकसावे वाला कदम’ बताया है। उन्होंने पूछा कि जिस अधिकारी पर नड्डा के काफिले पर हमले को लेकर कार्रवाई होनी चाहिए थी, उन्हें प्रमोशन दिया गया है। यह एक तरह से संकेत है कि भाजपा नेताओं पर हमला करने वालों को इनाम मिलेगा।
कुछ विधायकाें काे खरीद सकते हैं, तृणमूल कांग्रेस काे नहीं : ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि भाजपा कुछ विधायकाें काे खरीद सकती है, तृणमूल कांग्रेस काे नहीं। बाेलपुर में मंगलवार काे रैली में उन्हाेंने कहा कि जब तक जनता का समर्थन तृणमूल काे मिल रहा है, तब तक दलबदल से काेई फर्क नहीं पड़ने वाला।



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बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीनों अफसरों को रिलीव करने से इंकार कर दिया था।


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राजस्थान के 5 शहरों में तापमान माइनस में; हिमाचल में भारी बर्फबारी से 330 सड़कें बंद; यहां 7 शहरों में शीत का प्रकोप

जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के कई इलाके घने काेहरे में हैं। इन राज्यों में अगले 5 दिन घना से बहुत घना कोहरा पड़ेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दाे दिनों यानी आज 30 और 31 दिसंबर को उत्तर-पश्चिमी भारत में न्यूनतम तापमान 3-5 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है।

ठंड का आलम ये है कि राजस्थान के 3 शहरों में तापमान माइनस में चला गया है। इसके अलावा 12 शहर ऐसे हैं जहां 5 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान है। हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी ने हालात खराब कर दिया है। सड़कों पर बर्फ की मोटी लेयर जम चुकी है। इसके चलते 330 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं।

राजस्थान में ठंड का कहर
लगातार दाे दिन से चल रही सर्द हवाओं से राजस्थान में सर्दी के तेवर और तीखे हो गए हैं। मंगलवार को पारे ने सर्दी का ऐसा पंच लगाया कि 5 शहरों में तापमान माइनस में पहुंच गया। माउंट आबू में सीजन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और पारा माइनस 4.0 डिग्री पहुंच गया।

इसके अलावा फतेहपुर में माइनस 3.2, जाेबनेर में माइनस 1.8, सीकर में माइनस 0.5 और चूरू में माइनस 0.4 डिग्री पारा रहा। यह इस सीजन में पहली बार है जब 5 शहराें में तापमान माइनस में गया है।


इसके अलावा 12 शहरों का पारा भी 5 डिग्री से नीचे रहा। इन शहरों में भीलवाड़ा, वनस्थली, अलवर, पिलानी, राजसमंद, चिताैड़गढ़, डबाेक, जैसलमेर, जाेधपुर, बीकानेर और श्रीगंगानगर में तापमान पांच डिग्री से कम रहा।

जयपुर में भी सीजन की सबसे सर्द रात रही और पारा पहली बार 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले दिन यहां पारा 5.7 डिग्री दर्ज किया गया था। छह शहरों को छोड़कर सभी जगह तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकाॅर्ड हुआ। मौसम विभाग के अनुसार इसमें अभी और गिरावट होने के आसार हैं।

हिमाचल में हालात बदतर हुए

बर्फबारी के बाद हिमाचल प्रदेश पूरी तरह से शीतलहर की चपेट में आ गया है। सात शहरों का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु और उससे नीचे चला गया है। नाहन काे छाेड़ शेष सभी शहराें का न्यूनतम तापमान एक और दाे डिग्री के पास पहुंच गया है। नाहन का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है।

साेलन और भुंतर की रातें शिमला से भी ज्यादा सर्द चल रही हैं। यहां का पारा माइनस एक डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया है जबकि शिमला का न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। बिलासपुर और हमीरपुर में तीन-तीन, कांगड़ा का एक, मंडी का दाे और कुफरी का न्यूनतम तापमान माइनस शून्य डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया है।

माैसम विभाग ने बुधवार और वीरवार को प्रदेश के मैदानी क्षेत्राें में शीतलहर चलेगी। माैसम विभाग ने अगले पांच दिनाें तक प्रदेश में सभी जगह माैसम के खराब रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। हालांकि माैसम विभाग ने मैदानी क्षेत्राें में इस बीच शीतलहर चलने की चेतावनी भी जारी की है।

हरिपुरधार-कुपवी मार्ग पर बर्फबारी से दूसरे दिन भी नहीं चल पाए वाहन।

बंद सड़काें काे बहाल करने के लिए काम में जुटे

बर्फबारी के बाद प्रदेश में जनजीवन अभी भी प्रभावित है। यहां पर तीन एनएच सहित 330 सड़कें अभी भी यातायात की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद है। शिमला में 60, लाहाैल स्पीति में 76, कल्लू में 35, चंबा में 69 और कांगड़ा उपमंडल में 10 सड़काें पर यातायात अभी भी ठप है। बर्फबारी के कारण बंद सड़काें काे बहाल करने के लिए लाेक निर्माण द्वारा युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे है। बंद सड़काें काे खाेलने के लिए अभी कुछ दिन का समय और लग सकता है।

बर्फबारी के बाद लक्कड़ बाजार स्थित आइस स्केटिंग रिंक में फिर से स्केटिंग शुरू हाे गई है।

सैलानियों की मौज

बर्फबारी के बाद लक्कड़ बाजार स्थित आइस स्केटिंग रिंक में फिर से स्केटिंग शुरू हाे गई है। ऐसे में दाे दिन तक स्केटिंग बंद रहने के बाद मंगलवार काे फिर से स्केटिंग करने के लिए स्केटर पहुंचे। सुबह और शाम के दोनों सेशन हुए। शहर में बर्फबारी के बाद माैसम साफ रहा, इसके बावजूद भी ठंड का प्रकोप जारी है। शिमला शहर का न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री और अधिकतम 8.1 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया है। सुबह औ शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है।



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बाड़मेर में खेजड़ी के पेड़ पर जमी बर्फ। फोटो- भास्कर पाठक गणपतसिंह राजपुरोहित।


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राजस्थान के 5 शहरों में तापमान माइनस में; हिमाचल में भारी बर्फबारी से 330 सड़कें बंद; यहां 7 शहरों में शीत का प्रकोप राजस्थान के 5 शहरों में तापमान माइनस में; हिमाचल में भारी बर्फबारी से 330 सड़कें बंद; यहां 7 शहरों में शीत का प्रकोप Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 07:36 Rating: 5

नए कोरोना स्ट्रेन पर केंद्र ने कही राहत वाली बात और तेजस्वी की खातिर RJD मांग रही नीतीश का साथ

नमस्कार!
कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन भारत भी पहुंच गया है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के 6 मरीजों में नया स्ट्रेन पाया गया है। ये सभी ब्रिटेन से लौटे थे। एविएशन मिनिस्टर हरदीप पुरी ने कहा कि हमें ब्रिटेन की फ्लाइट्स का सस्पेंस और बढ़ाना पड़ सकता है। हालांकि, केंद्र ने राहत भरी खबर भी दी है। सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. विजय राघवन ने कहा कि देश में मौजूद वैक्सीन ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका में मिले नए स्ट्रेन पर भी असर करेगी। बहरहाल शुरू करते हैं न्यूज ब्रीफ।

सबसे पहले देखते हैं बाजार क्या कह रहा है

  • BSE का मार्केट कैप 187.23 लाख करोड़ रुपए रहा। BSE पर करीब 48% कंपनियों के शेयरों में बढ़त रही।
  • 3,188 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। इसमें 1,535 कंपनियों के शेयर बढ़े और 1,488 कंपनियों के शेयर गिरे।

आज इन इवेंट्स पर रहेगी नजर

  • कृषि कानूनों को लेकर किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच 30 दिसंबर को बैठक होगी। पहले यह बैठक 29 दिसंबर को होनी थी।
  • हाल ही में भाजपा से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए एकनाथ खडसे को ED ने नोटिस भेजा है। आज वह ED के सामने पेश होंगे।

देश-विदेश
जहां शाह ने रोड शो किया, वहीं ममता ने पद यात्रा की

पश्चिम बंगाल के जिस बोलपुर में अमित शाह ने 20 दिसंबर को रोड शो किया, वहीं पर ममता बनर्जी ने मंगलवार को पद यात्रा की। भाजपा ने बंगाल में 200 से ज्यादा सीटों का टारगेट तय किया है। लेकिन, ममता ने बोलपुर में भाजपा को चुनौती दी कि वो इतनी सीटों का सपना छोड़े और केवल 30 सीटें जीतकर दिखाए। बंगाल की CM ने कहा, "भाजपा कुछ विधायकों को तो खरीद सकती है, लेकिन तृणमूल को नहीं खरीद सकती।'

राजद ने CM नीतीश कुमार पर फेंका पासा
बिहार में राजद के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी ने कहा है कि नीतीश अगर तेजस्वी को समर्थन देकर मुख्यमंत्री बना दें तो विपक्ष उन्हें 2024 में प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन दे सकती है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पहले ही कह दिया है कि बिहार में मध्यावधि चुनाव होंगे। वहीं, अरुणाचल में जदयू के 6 विधायक भाजपा में जाने के बाद कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इस फजीहत के बाद नीतीश को इस्तीफा दे देना चाहिए। उधर छोड़ेंगे, तभी इधर कुछ बात बन सकती है।

रजनी की 26 दिन की राजनीति, सेहत की वजह से पॉलिटिक्स में नहीं आएंगे
दक्षिण के सुपर स्टार रजनीकांत (70) ने खराब सेहत की वजह से चुनावी राजनीति में नहीं आने का फैसला किया है। उन्होंने मंगलवार को तमिल में चिट्ठी लिखी और कहा कि वे चुनाव में उतरे बिना ही लोगों की बाहर से सेवा करेंगे। वो खराब सेहत के बावजूद राजनीति में आकर वीरता नहीं दिखाना चाहते। उन्होंने लिखा कि इस फैसले से फैंस को निराशा होगी और इसके लिए माफ कर दीजिए।

मेलबर्न टेस्ट जीतकर कोहली से आगे निकले रहाणे
अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरे टेस्ट में आठ विकेट से हराया। चार मैच की टेस्ट सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर है। इस जीत के साथ रहाणे ने एक रिकॉर्ड बनाया। वे तीन टेस्ट में कप्तानी कर चुके हैं और तीनों जीते हैं। ऐसा करने वाले वे दूसरे भारतीय कप्तान बन गए।

एक्सप्लेनर
किसान और सरकार में क्यों नहीं बन रही बात? कहां फंस रहा पेंच?

खेती से जुड़े तीन कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 35वां दिन है। सरकार-किसानों के बीच 21 दिन बाद आज 7वें दौर की बातचीत होगी। पहले 6 दौर की बातचीत में कोई हल नहीं निकल सका है। किसान तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। सरकार लिखित में किसानों को जवाब देने को तैयार है। लेकिन, आखिर क्या वजह है कि इतनी बातचीत का भी कोई हल नहीं निकल सका है?
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पॉजिटिव खबर
आईटी कंपनी की नौकरी छोड़ी, टायर से फुटवियर बनाना शुरू किया

पुणे की रहने वाली 28 साल की एक आईटी प्रोफेशनल पूजा आप्टे बादामीकर अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर स्क्रैप टायर से फुटवियर बना रही हैं। उनका यह इनोवेशन पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहा है। हर महीने 200 पीस फुटवियर बना रही हैं और सालाना 7 लाख रुपए का बिजनेस भी कर रही हैं।
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सुर्खियों में और क्या

  • पटना में किसानों के समर्थन में किसान महासभा और वामदलों के 10 हजार कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज भी किया।
  • PM नरेंद्र मोदी ने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के न्यू भाउपुर-न्यू खुर्जा सेक्शन का उद्घाटन किया। इससे कानपुर-दिल्ली रूट पर ट्रेनें लेट नहीं होंगी।
  • ब्रिटिश स्टडी में दावा किया गया है कि कोरोना के नए स्ट्रेन को वैक्सीन से रोकना संभव नहीं है। 2020 के मुकाबले इस स्ट्रेन से 2021 में ज्यादा मरीज भर्ती हो सकते हैं।
  • क्रोएशिया में मंगलवार को 6.3 तीव्रता का भूकंप आया, इससे इमारतों काफी नुकसान पहुंचा। यहां एक दिन पहले भी 5.2 तीव्रता का भूकंप आया था।


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नए कोरोना स्ट्रेन पर केंद्र ने कही राहत वाली बात और तेजस्वी की खातिर RJD मांग रही नीतीश का साथ नए कोरोना स्ट्रेन पर केंद्र ने कही राहत वाली बात और तेजस्वी की खातिर RJD मांग रही नीतीश का साथ Reviewed by Punjab Recruitment Portal on 06:36 Rating: 5
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